Bihar SIR : भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार के आठ सीमावर्ती जिलों को सबसे ज्यादा नोटिस भेजे हैं। SIR पुनरीक्षण में दस्तावेज़ संतोषजनक ना होने पर मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया गया।
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार के आठ सीमावर्ती जिलों को सबसे ज़्यादा नोटिस भेजे हैं। आयोग ने इस हफ्ते उन मतदाताओं को नोटिस जारी करना शुरू किया है, जिनके दस्तावेज़ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ठीक नहीं पाए गए हैं। अधिकतर मामले पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और सुपौल जिलों से आए हैं।
पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, सुपौल और अररिया नेपाल सीमा से लगे हैं। पूर्णिया और कटिहार पश्चिम बंगाल की सीमा पर बसे हैं। किशनगंज नेपाल और पश्चिम बंगाल दोनों की सीमा से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, जिन मतदाताओं ने अपना गणना फॉर्म जमा किया और जिनका नाम ड्राफ्ट सूची में आया, उनकी जांच की जा रही है। कई लोगों ने सही दस्तावेज़ नहीं दिए हैं या कोई दस्तावेज़ जमा ही नहीं किया है। कुछ मतदाताओं की नागरिकता पर भी सवाल उठे हैं।
पूरा राज्य इस प्रक्रिया में शामिल है, लेकिन सबसे ज्यादा नोटिस सीमावर्ती जिलों को मिले हैं। हर नोटिस में लिखा है कि दस्तावेज़ संतोषजनक नहीं हैं। मतदाता को अपने असली दस्तावेज़ों के साथ तय तारीख और स्थान पर ईआरओ के सामने पेश होने को कहा गया है।
24 जून को जारी आदेश के मुताबिक, ईआरओ हर दावे की जांच कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर मतदाता को नोटिस दे सकते हैं। सुनवाई के बाद अगर कोई व्यक्ति सूची से बाहर होता है, तो ईआरओ को उसका कारण बताते हुए “स्पीकिंग ऑर्डर” जारी करना होगा।Bihar SIR







