जबलपुर में बड़ा राशन घोटाला, 2.20 करोड़ की अफरातफरी, अधिकारियों पर FIR दर्ज

By: Degital Team

On: Tuesday, September 9, 2025 1:48 PM

जबलपुर में बड़ा राशन घोटाला, 2.20 करोड़ की अफरातफरी, अधिकारियों पर FIR दर्ज
Google News
Follow Us
---Advertisement---

जबलपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में 2.20 करोड़ रुपये का राशन घोटाला उजागर हुआ है। फूड कंट्रोलर सहित 4 अधिकारी और 29 दुकान संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

प्रदेश में मुफ्त अनाज योजना को लेकर लाखों अपात्र हितग्राही फायदा उठा रहे हैं। इसी बीच जबलपुर से एक बड़ा राशन घोटाला सामने आया है। इस घोटाले ने सरकार और प्रशासन दोनों की नींद उड़ा दी है।

जांच में पता चला है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में करीब 2,20,12,460 रुपये की गड़बड़ी की गई। इसमें गेहूं, चावल, नमक और शक्कर का भारी स्टॉक कागजों पर ही हेरफेर कर गायब कर दिया गया। फूड कंट्रोलर सहित चार अधिकारियों और 29 राशन दुकान संचालकों को आरोपी बनाया गया है। जिला कलेक्टर की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद पूरे महकमे में हलचल मच गई है।

NIC हैदराबाद की जांच में खुलासा

घोटाले की जांच एनआईसी हैदराबाद ने की। रिपोर्ट में सामने आया कि जबलपुर की 11 दुकानों में पीओएस मशीन और पोर्टल का दुरुपयोग हुआ। इसी तकनीकी सिस्टम से स्टॉक कम दिखाया गया।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक 391.780 मीट्रिक टन गेहूं, 338.789 मीट्रिक टन चावल, 3.027 मीट्रिक टन नमक और करीब 0.97 मीट्रिक टन शक्कर की हेराफेरी की गई। इन सभी वस्तुओं की कुल कीमत 2 करोड़ 20 लाख रुपये से ज्यादा है।

अधिकारी और दुकानदार शामिल

जांच में सिर्फ राशन दुकान संचालक ही दोषी नहीं पाए गए। इसमें जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी गड़बड़ी में शामिल निकले। आरोपियों में तत्कालीन जिला आपूर्ति नियंत्रक नुजहत बानो बकाई, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी भावना तिवारी और सुचिता दुबे, तथा जिला प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट के अक्षय कुमार खरे शामिल हैं।

यह भी पाया गया कि स्टॉक घटाने का काम पीओएस मशीन और पोर्टल से हुआ। यह बदलाव सामान्य दुकानदार नहीं कर सकते थे। यह कार्य उन्हीं अधिकारियों की सीमित एक्सेस से संभव था। इससे साफ है कि सिस्टम का दुरुपयोग अधिकारियों और दुकानदारों की मिलीभगत से हुआ।

FIR दर्ज

पूरे मामले में 33 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें 29 राशन दुकान संचालक और 4 सरकारी अधिकारी शामिल हैं। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और मध्यप्रदेश पीडीएस नियंत्रण आदेश 2015 के तहत केस दर्ज किया गया।

जबलपुर कलेक्टर ने कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन ने क्राइम ब्रांच को जांच सौंप दी है। यह घोटाला न सिर्फ राशन व्यवस्था बल्कि सरकारी निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

For Feedback - editor@newsonehindi.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now