अतिवृष्टि और पीला मोजेक से प्रभावित सोयाबीन फसल का सीएम मोहन यादव ने किया जायजा। किसानों को दिया भरोसा, हर खेत का सर्वे कर मिलेगा मुआवजा।
मध्य प्रदेश में इस बार अतिवृष्टि और बीमारी से सोयाबीन की फसल को बड़ा नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि सरकार पूरी तरह उनके साथ खड़ी है।
शुक्रवार को सीएम यादव रतलाम जिले की सैलाना तहसील के करिया गांव पहुंचे। यहां उन्होंने सोयाबीन की फसल का निरीक्षण किया। करिया गांव के किसान मनोहर लाल मालवीय और राधेश्याम पाटीदार के खेत में जाकर उन्होंने हालात को देखा। सीएम ने कहा कि हर खेत का सर्वे होगा और किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “किसानों के जीवन में कोई कष्ट न आए, यही हमारी सरकार का संकल्प है।” उन्होंने आगे बताया कि शाजापुर के पोलायकलां गांव में भी उन्होंने क्षतिग्रस्त फसल का निरीक्षण किया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द सर्वे कर क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
किसान चौपाल में संवाद
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने करिया गांव में किसान चौपाल भी की। उन्होंने किसानों से सीधे संवाद किया। सीएम यादव ने कहा कि किसान हमारी प्राथमिकता हैं। केंद्र और राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की मदद से हर किसान तक आर्थिक सहयोग पहुँच रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 30 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे। निराश्रित गायों से खेतों की सुरक्षा के लिए गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “किसान भाई चिंता न करें। सरकार हर कदम पर आपके साथ है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में पूरी पारदर्शिता से सर्वे कराया जाएगा। जिस किसान का नुकसान होगा, उसे उचित मुआवजा मिलेगा।







