MP News : मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि मारपीट, दुर्घटना और एसिड अटैक जैसे मामलों में घायल की चोटों का फोटो लेना अनिवार्य होगा। कोर्ट में यह पुख्ता सबूत माना जाएगा।
अब हर चोट का फोटो होगा पुख्ता सबूत
अब चोट के हर मामले में फोटो लेना अनिवार्य कर दिया गया है। चाहे मामला मारपीट का हो, दुर्घटना का या एसिड अटैक का। पुलिस और एमएलसी बनाने वाले डॉक्टर को घाव की तस्वीर लेना जरूरी होगा।
ये फोटो अब न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से पुख्ता सबूत माने जाएंगे। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों, सभी जिलों, रेल और अजाक पुलिस अधीक्षकों को भेजे गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश
स्वास्थ्य संचालनालय की ओर से भी सभी सीएमएचओ को पत्र भेजा जाएगा। इसमें एमएलसी तैयार करने वाले डॉक्टरों को फोटो लेने के निर्देश दिए जाएंगे। अब तक डॉक्टर केवल घायल के घाव की लंबाई और गहराई ही लिखते थे। लेकिन फोटो नहीं लिया जाता था। इस कारण मामलों में पर्याप्त सबूत पेश करने में दिक्कत आती थी।
आपत्ति के बाद फैसला
यह कदम झाबुआ जिले के एक मामले के बाद उठाया गया है। जुलाई 2025 में मारपीट के एक केस में हाई कोर्ट, इंदौर खंडपीठ ने आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि चोट के फोटो क्यों नहीं लिए गए।
उस मामले में न तो पुलिसकर्मी ने और न ही डॉक्टर ने तस्वीरें ली थीं। अदालत ने इसे गंभीर कमी माना। इसके बाद पुलिस मुख्यालय की सीआईडी शाखा ने नया आदेश जारी किया।
सबूत के तौर पर काम आएंगे
अब हर चोट की तस्वीर सुरक्षित रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे जांच और सुनवाई में मजबूती आएगी।







