भोपाल में सरकार ने तय किया है कि आयुष्मान भारत योजना के पात्र लोगों को अब मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान का लाभ नहीं मिलेगा। केवल विशेष मामलों में ही मदद मिलेगी।
आयुष्मान पात्रों को नहीं मिलेगा स्वेच्छानुदान
भोपाल। आयुष्मान भारत योजना के पात्र हितग्राहियों को अब मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान का लाभ नहीं मिलेगा। शासन ने इस पर नई व्यवस्था लागू की है।
आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध है। शासन का मानना है कि यह सुविधा पर्याप्त है। इसलिए जिन लोगों को आयुष्मान का लाभ मिल रहा है, उन्हें स्वेच्छानुदान की राशि नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी ने बताया कि अब केवल विशेष परिस्थितियों में ही स्वेच्छानुदान दिया जाएगा। यदि किसी मरीज की बीमारी आयुष्मान योजना में शामिल नहीं है, तब ही मदद मिल सकेगी।
आधार नंबर से अब यह जांच की जा रही है कि मरीज आयुष्मान योजना का पात्र है या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इलाज कराने वाला अस्पताल योजना से जुड़ा है या नहीं।
पहले बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन आते थे जिनमें हितग्राही आयुष्मान योजना के तहत भी सहायता पाने के पात्र थे। बीमारी की गंभीरता और गरीबी देखते हुए उन्हें राशि स्वीकृत की जाती थी। इससे शासन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया था।
अब सरकार का कहना है कि जब आयुष्मान योजना से सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में इलाज संभव है, तो अतिरिक्त सहायता देने का औचित्य नहीं बचता।







