ग्वालियर में भाजपा और बसपा के कई कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, कांग्रेस की ताकत और बढ़ी है। वहीं रीवा में ब्राह्मण समाज ने नाराजगी जताई।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय (MPCC) में शनिवार को ग्वालियर के साहेब सिंह गुर्जर के नेतृत्व में भाजपा और बसपा कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उन्हें सदस्यता दिलाई।
पटवारी ने कहा कि ग्वालियर में कांग्रेस की ताकत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा और बसपा से मोहभंग होकर जो साथी कांग्रेस में जुड़े हैं, वे पार्टी को नई ऊर्जा देंगे। पटवारी बोले, “यह कारवां रुकने वाला नहीं है। अब प्रदेश की सियासत में कांग्रेस और मजबूत होगी।”
सोशल मीडिया विवाद और GST
इस दौरान पटवारी ने मीडिया से भी चर्चा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक फोटो-वीडियो का जिक्र किया। इसमें मछली गैंग और ड्रग माफिया का नाम सामने आ रहा है। पटवारी ने आरोप लगाया कि मंत्री उनकी गाड़ियों में घूमते हैं। लेकिन जब वह नशे के खिलाफ सवाल उठाते हैं तो उनके पुतले जलाए जाते हैं।
जीएसटी सुधार को लेकर भी पटवारी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को दस साल बाद समझ आया है कि अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान हुआ है। कांग्रेस शुरू से ही इसके खिलाफ थी।
रीवा में ब्राह्मण समाज की नाराजगी
प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस को एक और चुनौती का सामना करना पड़ा है। रीवा में शनिवार को ब्राह्मण समाज की एक बड़ी बैठक हुई। इसमें संभाग के 122 प्रमुख नेता शामिल हुए।
नेताओं ने नाराजगी जताई कि विंध्य क्षेत्र में ब्राह्मण समाज की उपेक्षा की जा रही है। लंबे समय तक कांग्रेस नेतृत्व का हिस्सा रहने के बावजूद उन्हें संगठन में उचित अवसर नहीं मिला। जिलों में नियुक्तियों के समय भी ब्राह्मण नेताओं को नजरअंदाज किया गया।
बैठक में तय हुआ कि इस मामले को सीधे राहुल गांधी के सामने रखा जाएगा। नेताओं ने कहा कि अब समय है कि पार्टी सभी समाजों को संतुलित प्रतिनिधित्व दे।
कांग्रेस की उम्मीदें और चुनौतियां
ग्वालियर में नए कार्यकर्ताओं के जुड़ने से कांग्रेस का संगठन मजबूत हुआ है। पर रीवा में ब्राह्मण समुदाय की नाराजगी पार्टी के लिए नई चुनौती बन गई है। आने वाले दिनों में पार्टी को दोनों मोर्चों पर संतुलन साधना होगा।







