झाबुआ के पेटलावद में लाड़ली बहना सम्मेलन में सीएम मोहन यादव ने महिलाओं को मुफ्त बीमा, स्वास्थ्य सेवाएं और योजनाओं के लाभ की जानकारी दी। पीएम मोदी 17 सितंबर को बदनावर में पीएम मित्र पार्क की सौगात देंगे।
झाबुआ जिले के पेटलावद में शनिवार को राज्य स्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ बहनों तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा रहा है।
सम्मेलन में सीएम यादव ने प्रदेश की 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 28वीं किस्त के रूप में 1541 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की। इसके साथ ही 53.48 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 320.89 करोड़ रुपये और 31 लाख से अधिक बहनों को एलपीजी सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 48 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।

महिलाओं के लिए नई सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि बहनों को जीवन में किसी भी तरह की कठिनाई न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए बहनों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क बीमा मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्वस्थ नारी, सशक्त समाज अभियान के अंतर्गत महिलाओं की सभी प्रकार की चिकित्सा जांचें अब मुफ्त होंगी। इस पहल से महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, देखभाल और जागरूकता मिलेगी।
पीएम मोदी देंगे बड़ी सौगात
सीएम मोहन यादव ने बताया कि 17 सितंबर को पीएम मोदी धार जिले की बदनावर तहसील के भैंसोला गांव आएंगे। वे प्रदेश को पीएम मित्र पार्क की सौगात देंगे। यह पार्क कपास उत्पादक किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। इससे मालवांचल और पूरे प्रदेश की तस्वीर बदलेगी। साथ ही इस दिन से सेवा पखवाड़ा की भी शुरुआत होगी।
विकास और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार-झाबुआ को उद्योग और रोजगार से जोड़ने पर काम चल रहा है। यह क्षेत्र विकास की नई आधारशिला बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर स्तर पर बिजली, पानी और सिंचाई सुविधाएं मजबूत हो रही हैं। किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ समय पर मिल रहा है। प्रदेश में 5 लाख स्व-सहायता समूहों के जरिए 65 लाख बहनें जुड़ी हैं। अकेले झाबुआ में 2 लाख बहनें इन समूहों के माध्यम से योजनाओं का लाभ ले रही हैं।
दिव्यांग भाई-बहनों को भी लाभ
समाज के दिव्यांग भाई-बहनों की चिंता करते हुए सरकार ने लगभग 320 करोड़ रुपये की राशि का लाभ उन्हें दिया है।







