MP News : इंदौर एमवायएच अस्पताल में ICU में चूहों का हमला, दो नवजात घायल

By: Degital Team

On: Wednesday, September 3, 2025 10:00 AM

MP News : इंदौर एमवायएच अस्पताल में ICU में चूहों का हमला, दो नवजात घायल
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MP News : इंदौर के सरकारी महाराजा यशवंतराव अस्पताल (MYH) में बड़ा हादसा। ICU में चूहों ने दो नवजात बच्चों को कुतर दिया। घटना के बाद प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे।

इंदौर MYH अस्पताल में बड़ा हादसा

इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (MYH) में बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। ICU में चूहों ने दो नवजात बच्चों को काटकर घायल कर दिया। घटना ने न केवल अस्पताल प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी, बल्कि पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नवजात बच्चों पर चूहों का हमला

  • जानकारी के अनुसार, यह हमला अस्पताल के सर्जरी ICU वार्ड में हुआ।
  • एक नवजात की उंगली पर चूहों ने काट लिया।
  • दूसरे बच्चे के सिर और कंधे को नुकसान पहुंचाया गया।

दोनों बच्चे जन्मजात बीमारियों से पीड़ित थे। इनमें से एक बच्चा खरगोन जिले में लावारिस स्थिति में मिला था और इलाज के लिए MYH भेजा गया था। इस घटना से बच्चों के परिजन और अन्य मरीजों के परिवार दहशत में हैं।

अस्पताल प्रशासन हरकत में

अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच समिति गठित की है। उन्होंने कहा कि समिति यह जांच करेगी कि लापरवाही कहां और किस स्तर पर हुई।

  • ICU की खिड़कियों पर अब लोहे की जालियां लगाई जा रही हैं।
  • स्टाफ को 24 घंटे अलर्ट रहने का आदेश दिया गया है।
  • परिजनों से अपील की गई है कि वे बाहर का खाना-पीना वार्ड में न लाएं, क्योंकि इससे चूहे आकर्षित होते हैं।

कांग्रेस का सरकार पर हमला

इस घटना ने राजनीति को भी गर्मा दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा, “यह सिर्फ प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली घटना है। अगर सरकार अस्पताल में नवजात बच्चों की सुरक्षा नहीं कर सकती, तो आम जनता अपनी सुरक्षा की उम्मीद कहां से करे?” कांग्रेस ने इस हादसे की न्यायिक जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जनता में डर

MYH, मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां रोजाना हजारों मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में ICU के अंदर चूहों का हमला बेहद गंभीर सवाल उठाता है। प्रदेशभर के माता-पिता अब डरे हुए हैं। सवाल यह है कि अगर सबसे बड़े अस्पताल में ही मरीज सुरक्षित नहीं हैं, तो छोटे अस्पतालों पर कैसे भरोसा किया जा सकता है?

यह हादसा साफ दिखाता है कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की सफाई प्रबंधन में बहुत खामियां हैं। अगर समय रहते सख्ती और सुधार नहीं हुए, तो ऐसे हादसे मरीजों का विश्वास तोड़ते रहेंगे

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