भोपाल के जंबूरी मैदान में सरपंच महासम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा बयान। बोले, पंचायत के सचिव अगर काम नहीं करेंगे तो उन्हें हटा देंगे। 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा बयान: “काम न करने वाले सचिव हटेंगे”
भोपाल के जंबूरी मैदान में मंगलवार को सरपंच महासम्मेलन का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरपंचों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि अगर कोई सचिव काम नहीं करेगा तो उसे हटाया जाएगा। मुख्यमंत्री बोले, “सचिव-सहायक सचिव की औकात क्या है, यह समझ लें। सरपंच की बात सबसे ऊपर है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सरकार के किसी निर्णय में सरपंचों को दिक्कत आती है, तो उसे ठीक करने का जिम्मा सरकार का है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह से पंचायत प्रतिनिधियों के साथ है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 10-11 सालों में देश के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। देश को प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि अब “लाल सलाम” को आखिरी सलाम हो रहा है, और जो देश के खिलाफ होंगे, वे सब ठीक ठिकाने लगेंगे।
“सरपंच के पास असली ताकत है”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंच के सामने सचिव और रोजगार सहायक को हमेशा रहना चाहिए। त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में सरपंच की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “जो शक्ति एक सरपंच के पास है, वह बड़े-बड़े पदवालों के पास नहीं है। गांव की असली ताकत सरपंच के हाथों में है।”
सीएम ने यह भी कहा कि पंचायत के पास हर घर की जानकारी होती है। इसलिए प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम बिना सरपंचों के संभव नहीं है।
“2026 को कृषि वर्ष मनाया जाएगा”
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अब कृषि आधारित उद्योग स्थापित करेगी। इससे युवाओं और ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। सीएम ने बताया कि पंचायतों के माध्यम से कुटीर और लघु उद्योगों को जोड़कर एक लंबी योजना बनाई जा रही है।







