सीधी जिले के सिहावल छात्रावास में अधीक्षक अशोक पांडे रिश्वत लेते हुए रीवा लोकायुक्त टीम द्वारा पकड़ा गया। उन्होंने रिटायर शिक्षक से GPF फाइल क्लियर करने के नाम पर 10 हजार की मांग की थी।
सीधी में अधीक्षक रिश्वत लेते पकड़ा गया
सीधी जिले में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति जूनियर बालक छात्रावास क्रमांक 2, सिहावल के अधीक्षक को लोकायुक्त टीम ने रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
आरोप है कि अधीक्षक अशोक पांडे ने रिटायर शिक्षक वशिष्ठ मुनि द्विवेदी से 10 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। उन्होंने कहा था कि यह रकम उनकी GPF फाइल पास करवाने के नाम पर देनी होगी। वशिष्ठ मुनि हाल ही में चार महीने पहले ही रिटायर हुए हैं।
रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली GPF राशि किसी भी कर्मचारी के लिए जीवनभर की बचत मानी जाती है। ऐसे में उसी रकम के लिए रिश्वत मांगना न केवल अनैतिक बल्कि अपराध माना जाता है।
लोकायुक्त को शिकायत मिलने के बाद पहले उसकी जांच की गई। आरोप सही पाए जाने पर गुरुवार, 6 नवंबर को लोकायुक्त की 12 सदस्यीय टीम ने ट्रैप कार्रवाई शुरू की।
दोपहर करीब 1 बजे शिकायतकर्ता रकम लेकर छात्रावास पहुंचे। उस समय अधीक्षक परिसर में कुछ पत्रकारों से बात कर रहे थे। पत्रकारों की मौजूदगी देख उन्होंने पैसे लेने से बचने की कोशिश की, पर लोकायुक्त टीम पहले से घेराबंदी कर चुकी थी। थोड़ी देर में ही टीम ने दबिश दी और अधीक्षक को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ लिया।
लोकायुक्त निरीक्षक उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि शिकायत की पुष्टि के बाद ही कार्रवाई की गई है। अधीक्षक को 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अपनी फोटो और वीडियो सार्वजनिक न करने का अनुरोध किया था। इसलिए लोकायुक्त ने मीडिया में कोई विज़ुअल जारी नहीं किए। वर्तमान में आरोपी से रेस्ट हाउस में पूछताछ जारी है।







