कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नोटिस जारी किया है। अब सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र चर्चा और एनालिसिस पर पाबंदी होगी। नियम तोड़ने पर जेल और भारी जुर्माना।
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने प्रतियोगी परीक्षाओं की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने नोटिस जारी कर साफ कर दिया है कि अब कोई भी उम्मीदवार, संस्था या कोचिंग सोशल मीडिया पर परीक्षा प्रश्नपत्र से जुड़ा कंटेंट शेयर नहीं करेगा। ऐसा करने वालों को कड़ी सज़ा भुगतनी होगी।
क्या कहा है नोटिस में?
SSC ने कहा कि आयोग के पास कई शिकायतें आई हैं। परीक्षा के दौरान और बाद में लोग सोशल मीडिया और यूट्यूब पर प्रश्नपत्र की चर्चा और एनालिसिस कर रहे हैं। यह गतिविधि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित करती है। अब ऐसा करना Public Examination (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 (PEA Act 2024) के तहत अपराध माना जाएगा।
कितना सख्त है नया कानून?
- नियम तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को 3 से 5 साल की जेल हो सकती है।
- उस पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा।
- संस्थानों पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
- दोषी पाए जाने वाले संस्थानों को ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा।
- संगठित अपराध होने पर 5 से 10 साल की जेल और कम से कम 1 करोड़ रुपये का जुर्माना तय है।
आयोग क्यों हुआ सख्त?
पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया पर SSC परीक्षाओं के प्रश्नपत्र और एनालिसिस तेजी से वायरल हो रहे थे। कई उम्मीदवारों ने शिकायत की कि इससे उनकी मेहनत और ईमानदारी पर असर पड़ता है। साथ ही परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे थे। यही कारण है कि SSC ने अब सख्त नियम लागू किए हैं।
उम्मीदवारों को क्या नहीं करना चाहिए?
- परीक्षा खत्म होने के बाद भी कोई प्रश्न या उत्तर सोशल मीडिया पर न डालें।
- कोचिंग क्लास या यूट्यूब चैनलों पर पेपर एनालिसिस का हिस्सा न बनें।
- प्रश्नपत्र से जुड़े किसी भी पोस्ट, वीडियो या चर्चा से दूरी बनाए रखें।
SSC का यह कदम उन छात्रों के लिए राहत की खबर है, जो ईमानदारी से तैयारी करते हैं। अब फर्जीवाड़ा और पेपर से जुड़ी गलत गतिविधियों पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।







