UPSC Mains 2025 में अनिवार्य अंग्रेजी पेपर 30 अगस्त को आयोजित हुआ। 300 अंकों के इस पेपर को पास करने के लिए 75 अंक जरूरी। जानें परीक्षा पैटर्न, महत्व और उम्मीदवारों का अनुभव।
नई दिल्ली // UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2025 में इस बार सभी उम्मीदवारों के लिए एक अनिवार्य अंग्रेजी भाषा का पेपर शामिल किया गया। यह परीक्षा शनिवार, 30 अगस्त 2025 को दूसरी पाली में दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित हुई। पेपर का स्वरूप अर्हक (Qualifying) था, यानी इसके अंक अंतिम मेरिट सूची में शामिल नहीं होंगे, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए इसे पास करना अनिवार्य है।
कुल 300 अंकों का यह पेपर तीन घंटे में पूरा करना था। उम्मीदवारों को न्यूनतम 25 प्रतिशत यानी 75 अंक हासिल करना जरूरी रहा। आयोग का कहना है कि इस पेपर का उद्देश्य अभ्यर्थियों की अंग्रेजी भाषा पर बुनियादी पकड़, व्याकरण, पठन-समझ और लेखन कौशल का आकलन करना है। इसमें निबंध लेखन, संक्षेपण, अनुवाद, बोधगम्यता और व्याकरण से संबंधित प्रश्न पूछे गए।
UPSC अंग्रेजी अनिवार्य पेपर 2025 : मुख्य विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | यूपीएससी मुख्य परीक्षा 2025 – अंग्रेजी अर्हक पेपर |
| परीक्षा तिथि | 30 अगस्त 2025 |
| समय | 2:30 बजे दोपहर से 5:30 बजे शाम |
| कुल अंक | 300 |
| न्यूनतम अर्हक अंक | 75 (25%) |
| अवधि | 3 घंटे |
| पेपर का स्वरूप | अनिवार्य (Qualifying) |
| भाषा | केवल अंग्रेजी |
| मुख्य खंड | निबंध, संक्षेपण, बोधगम्यता, अनुवाद, व्याकरण |
क्यों है यह पेपर अहम?
हालांकि यह अंक मेरिट में शामिल नहीं होते, लेकिन यदि अभ्यर्थी इस पेपर में विफल रहते हैं तो वे मुख्य परीक्षा के अन्य अंकों के बावजूद चयन प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ पाते। यही कारण है कि विशेषज्ञ इसे “पासपोर्ट पेपर” कहते हैं, जो उम्मीदवार को इंटरव्यू चरण तक पहुंचने का रास्ता खोलता है।
परीक्षा के बाद कई अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर में भाषा की सरल लेकिन सटीक समझ की अपेक्षा की गई थी। खासतौर पर निबंध और संक्षेपण वाले प्रश्न चुनौतीपूर्ण रहे। कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों का मानना है कि हिंदी भाषी पृष्ठभूमि से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए यह पेपर तैयारी का अलग आयाम जोड़ता है।
आगे की तैयारी
UPSC ने परीक्षा का प्रश्नपत्र आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक करने की तैयारी की है, जिससे अभ्यर्थी इसकी पीडीएफ (PDF) डाउनलोड कर भविष्य की तैयारी कर सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इस पेपर की कठिनाई स्तर और पैटर्न को समझने के लिए यह दस्तावेज बेहद उपयोगी साबित होगा।
UPSC की यह पहल न केवल उम्मीदवारों के भाषा कौशल का परीक्षण करती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती है कि भावी सिविल सेवक प्रशासनिक संचार में अंग्रेजी भाषा का कुशल उपयोग कर सकें।
UPSC English Compulsory Previous Year Papers
| Year | Download Link (from article) |
|---|---|
| 2024 | UPSC Compulsory English Language Paper PDF |
| 2023 | UPSC Compulsory English Language Paper PDF |
| 2022 | UPSC Compulsory English Language Paper PDF |
| 2021 | UPSC Compulsory English Language Paper PDF |
| 2020 | UPSC Compulsory English Language Paper PDF |
| 2019 | UPSC Compulsory English Language Paper PDF |
UPSC English Paper 2025 – FAQ
Q1. यूपीएससी अंग्रेजी अनिवार्य पेपर क्यों जरूरी है?
👉 यह पेपर उम्मीदवार की भाषा और लेखन क्षमता का आकलन करता है। इसे पास किए बिना मुख्य परीक्षा के अन्य अंक भी व्यर्थ हो जाते हैं।
Q2. इस पेपर को पास करने के लिए न्यूनतम कितने अंक चाहिए?
👉 उम्मीदवार को 300 में से कम से कम 75 अंक (25%) लाना अनिवार्य है।
Q3. क्या इस पेपर के अंक अंतिम मेरिट में गिने जाएंगे?
👉 नहीं, यह केवल अर्हक (Qualifying) पेपर है। अंक मेरिट में नहीं जुड़ते, लेकिन पास होना ज़रूरी है।
Q4. पेपर में किन-किन हिस्सों से प्रश्न आते हैं?
👉 मुख्य रूप से निबंध लेखन, व्याकरण, पठन समझ, संक्षेपण और अनुवाद से प्रश्न पूछे जाते हैं।
Q5. आधिकारिक प्रश्नपत्र कब उपलब्ध होगा?
👉 UPSC की वेबसाइट पर परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्नपत्र पीडीएफ रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
Q6. हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों के लिए यह पेपर कितना चुनौतीपूर्ण है?
👉 विशेषज्ञों का मानना है कि अभ्यास और पिछले वर्षों के प्रश्न देखने से कठिनाई काफी हद तक कम हो सकती है।







